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एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल : माताजी की टेकरी पर रोप-वे में फंसे व्यक्तियों का सुरक्षित रेस्क्यू

एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल : माताजी की टेकरी पर रोप-वे में फंसे व्यक्तियों का सुरक्षित रेस्क्यू
सिविल डिफेंस एवं आपदा मित्रों को सीपीआर, फर्स्ट एड एवं राहत-बचाव की दी जानकारी
जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने तथा आपात परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ द्वारा देवास स्थित माता टेकरी रोप-वे पर आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों का संयुक्त मॉक ड्रिल अभ्यास आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य जिले में आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों का परीक्षण करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित, सुरक्षित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने की क्षमता को सुदृढ़ करना रहा।
अपर कलेक्टर  शोभाराम सोलंकी ने मॉक ड्रिल का अवलोकन करते हुए कहा कि सिविल डिफेंस एवं आपदा मित्रों को इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण से आपदा प्रबंधन की आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्राप्त होता है। इससे वे आपात परिस्थितियों में प्रशासन के महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकेंगे। अपर कलेक्टर  सोलंकी ने एनडीआरएफ एवं संबंधित विभागों द्वारा किए गए संयुक्त अभ्यास की सराहना करते हुए कहा कि आपदा की वास्तविक स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत तथा बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के मॉक ड्रिल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। नियमित अभ्यास से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है तथा आपात स्थिति में कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई कर जनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है।
मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ की टीम द्वारा उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, सिविल डिफेंस सदस्यों एवं आपदा मित्रों को सीपीआर, फर्स्ट एड एवं प्राथमिक उपचार के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य करने की इम्प्रोवाइज्ड मेथड्स के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। टीम द्वारा आपदा की स्थिति में घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा बचाव कार्य के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आपात स्थिति में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए सुरक्षित एवं त्वरित राहत-बचाव कार्य करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, सिविल डिफेंस एवं आपदा मित्रों ने सहभागिता की। अभ्यास के दौरान रोप-वे के अचानक बंद हो जाने की काल्पनिक आपात स्थिति निर्मित की गई। इस दौरान रोप-वे में फंसे व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम द्वारा लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। रेस्क्यू के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं एवं सुरक्षा उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट  सिंह, होमगार्ड कमांडेंट  राजेश जैन, एनडीआरएफ कंपनी कमांडर  मीणा सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बचाव दल के सदस्य उपस्थित रहे।

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