प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, देवास में आर्ट ऑफ लिविंग के विशेष सत्र का आयोजन

देवास। प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, देवास में 30 अगस्त को विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों के लिए श्रीश्री रविशंकर द्वारा प्रारंभ किए गए आर्ट ऑफ लिविंग प्रोग्राम का एक विशेष सत्र रखा गया । संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. आर.के. जैन ने विशेष रूप से विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास को ध्यान में रखते हुए यह सेमिनार आयोजित करवाया, ताकि वे आत्मिक शांति, मानसिक सशक्तिकरण और सकारात्मक सोच के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकें । योग और ध्यान से ही मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है। कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग की जिला स्तरीय शिक्षिका मीना खत्री एवं पंकज सोनी को आमंत्रित किया गया। मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कंप्यूटर साइंस एवं आईटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. योगेन्द्र सिंह राजावत ने कहा कि जिस प्रकार भोजन करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है, उसी प्रकार मेडिटेशन करने से मन एवं आत्मा को ऊर्जा प्राप्त होती है। आर्ट ऑफ लिविंग जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों को तनावमुक्त होकर एकाग्रता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। सत्र की शुरुआत करते हुए मीना खत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे कई वर्षों से हैप्पीनेस प्रोग्राम चला रही हैं और लोगों को जीवन जीने की कला सिखा रही हैं। उन्होंने बताया कि सुदर्शन क्रिया के माध्यम से ध्यान लगाने से तनाव से मुक्ति, भावनाओं पर नियंत्रण, गहरी शांति, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, बेहतर नींद एवं मानसिक सशक्तिकरण जैसे अनेक लाभ मिलते हैं। मीना खत्री मैम ने सभी विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को नाड़ी शोधन, भस्त्रिका तथा मेडिटेशन की प्रैक्टिस भी करवाई। इसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. विकास शर्मा ने इस विशेष सत्र में सहभागिता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। सत्र का संचालन अर्चना राजपूत एवं निकिता अग्रवाल द्वारा किया गया।




