
‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ थीम पर जिले भर में मनाया गया आयुर्वेद दिवस
शिविर आयोजित कर हज़ारों रोगियों को नि:शुल्क जांच कर बीमारियों का निदान किया गया
देवास स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ थीम को केंद्र में रखकर बुधवार को जिलेभर में कई जगह आयुर्वेद दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लगभग 35 से ज्यादा ग्रामीण स्तर पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति आधारित आरोग्य शिविर लगाए गए, जिसमें हजारों रोगियों को निशुल्क निदान, परामर्श और विभिन्न ज़रूरी जाँचों के साथ औषधियाँ प्रदान की गईं। स्कूलों में चित्रकला, निबन्ध तथा रांगोली प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक आचार शैली अपनाकर स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य आयोजन देवास के जिला जेल में हुआ, यहाँ लगभग 137 रोगियों का परीक्षण, निदान और परामर्श करने के साथ उन्हें निशुल्क औषधियाँ प्रदान की गईं। 65 रोगियों की शर्करा और रक्तचाप की जाँच की गई। डॉ सुभाषचंद्र भार्गव, डॉ प्रीति बाला पाटीदार, तथा डॉ कल्पना चौहान ने चिकित्सकीय परामर्श दिया। उपस्थित लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को डॉ प्रांजलि भारद्वाज ने रसोईघर में आयुर्वेद से स्वास्थ्य, डॉ नीरज गुप्ता ने ऋतुचर्या से, डॉ संजीव पाटीदार ने नियमित योगाभ्यास से तथा डॉ दीपेश सोलंकी ने औषधीय पौधों की जानकारी देते हुए निरोग रहने के गुर सीखाए.
जिला जेल अधीक्षक विद्याभूषण प्रसाद तथा उप अधीक्षक अनिल दुबे ने धन्वंतरि पूजन के साथ आयोजन का शुभारम्भ करते हुए कहा कि आयुर्वेद हमारे पुरखों के समय से चली आ रही और भारत में फली-फूली चिकत्सा पद्धति है, जो रोग होने पर ही नहीं, बल्कि स्वस्थ प्राकृतिक जीवन शैली अपनाकर निरोग रहने पर जोर देती है।
इसी प्रकार जिलेभर में लगभग 35 से ज्यादा ग्राम स्तर की संस्थाओं पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति आधारित चिकित्सा शिविर लगाए गए, जिसमें हजारों रोगियों को निशुल्क निदान, परामर्श और विभिन्न ज़रूरी जाँचों के साथ औषधियाँ प्रदान की गईं। स्कूलों में चित्रकला, निबन्ध तथा रांगोली प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक आचार शैली अपनाकर स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया गया। उम्दा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।




