देवास

अमलतास विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भव्य योग महोत्सव का आयोजन

अमलतास विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर भव्य योग महोत्सव का आयोजन, सैकड़ों छात्रों ने किया योगाभ्यासदेवास। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वैश्विक स्तर पर चलाए जा रहे ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ अभियान के तहत देवास स्थित अमलतास विश्वविद्यालय में एक भव्य और विशाल योग महोत्सव का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई। योगाभ्यास निर्धारित अनुक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय एवं उनके सहयोगी प्रशिक्षकों द्वारा उपस्थित शिक्षकों, छात्र छात्राओं और कर्मचारियों को विभिन्न योग आसन, प्राणायाम की बारीकियों से अवगत कराते हुए उनका अभ्यास कराया गया साथ ही तनाव मुक्ति और मन की शांति के लिए आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक पूज्य रवि शंकर द्वारा निर्देशित ध्यान का अभ्यास भी कराया गया।इस भव्य योग शिविर में अमलतास समूह के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर योगमय नजर आया। महोत्सव में मुख्य रूप से अमलतास मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज, होम्योपैथिक कॉलेज, पैरामेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, एलाइड एंड रिहैबिलिटेशन साइंसेज के विद्यार्थियों के साथ-साथ नशा मुक्ति केंद्र और स्पेशल स्कूल के बच्चों ने भी पूरी ऊर्जा के साथ भाग लिया। कार्यक्रम को गरिमा प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रबुद्ध जन मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिनमें अमलतास विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. सलिल भार्गव, रजिस्ट्रार डॉ. अभय गुप्ता, अस्पताल निदेशक डॉ. प्रशांत और डॉ. मुनेश कुमार शर्मा शामिल थे। इसके साथ ही विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य डॉ. अनीता घोडके, डॉ. योगेन्द्र भदौरिया, डॉ. संगीता राठौर, डॉ. स्नेहा सहाय यूथम, डॉ. नीलम खान और डॉ. भारती लाहोरिया ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे कार्यक्रम की सुव्यवस्थित और सफल कमान, मार्केटिंग डायरेक्टर अश्विन तंवर, व्यवस्थापक कमल पांचाल एवं उनकी पूरी प्रबंधन टीम द्वारा संभाली गई, जिनकी सराहना सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने की।महोत्सव की सफलता पर अमलतास समूह के चेयरमैन महोदय मयंक राज सिंह भदौरिया जी ने अपने विशेष संदेश में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो मन, शरीर और आत्मा को एक सूत्र में पिरोती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और शैक्षणिक तनाव के बीच विद्यार्थियों के लिए योग बेहद जरूरी है ताकि वे मानसिक रूप से सुदृढ़ और एकाग्र रह सकें। अमलतास परिवार हमेशा से चिकित्सा और शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध रहा है और रहेगा।

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