जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है – जल संसाधन मंत्री सिलावट

जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है – जल संसाधन मंत्री सिलावट
जल संरक्षण के लिए जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले हर छोटे-बड़े अतिक्रमण को हटाना होगा
“जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व पर देवास में जल संसाधन मंत्री सिलावट के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम
जल गंगा संवर्धन अभियान” अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व पर मीठा तालाब देवास में गंगा आरती का आयोजन हुआ
देवास जल गंगा संवर्धन अभियान” अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम देवास में मीठा तालाब पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। इस दौरान मीठा तालाब पर गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष लीला अटारिया, महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष रायसिंह सेंधव, विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, राजेश यादव, बहादुर मुकाती, भैरूलाल अटारिया, धर्मेंद्र सिंह बेस सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों, नागरिकगणों ने भी सहभागिता की।
जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा कि जल बचत और प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। जल संकट से निपटने के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान बहुत आवश्यक है। जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करना हम सभी का दायित्व है। प्रदेश में 05 हजार से अधिक सरोवर बनाए गए हैं। जब यह तालाब भरेंगे तो भूमिगत जल बढ़ेगा। देवास में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं। देवास में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अच्छा कार्य किया जा रहा है।
जल संसाधन मंत्री सिलावट ने सभी से अनुरोध किया कि अभियान जन आंदोलन बनना चाहिए। आज नदियों को जोड़ने का कार्य केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश इस महाअभियान के तहत योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने “केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना”, संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना, मेगा तापी रीचार्ज परियोजना की जानकारी देकर इन परियोजनाओं से होने वाले लाभ बताये। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की आत्मा गांव में बसी है, नदियों जोड़ने से सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, पीने का पानी मिलेगा। जल गंगा संवर्धन अभियान एक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि हमें जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए नदियों, तालाबों के केचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाना होगा। जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले हर छोटे-बड़े अतिक्रमण को तुरंत हटाना होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा कि गंगा दशहरा का यह पावन दिवस समाज को जल संरक्षण एवं स्वच्छता का संदेश देने वाला है। भविष्य में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसलिए वर्तमान समय में जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास आवश्यक हैं।
नगर निगम महापौर गीता अग्रवाल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत देवास में तालाबों, कुंआ और बावड़ियों की सफाई की जा रही हैं। अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र में जल संवर्धन के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने जिले एवं नगर निगम क्षेत्र देवास में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए गए कार्यों की जानकारी दी।
देवास जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान” अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर राज्य शासन के निर्देशानुसार समस्त जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी एवं इस अभियान को जन अभियान बनाने के लिए जिले में विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर जल संरक्षण कार्य किये गये। जिसमें विधायकगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारी/कर्मचारियों एवं नागरिकगणों ने सहभागीता की।
जल शपथ दिलाई
कार्यक्रम में सभी को जल शपथ दिलाई गई। जिसमें सभी ने शपथ ली कि पानी बचाने और उसके विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे। जल का समुचित उपयोग करेंगे तथा पानी हर एक बूंद का संचयन करेंगे और जल शक्ति अभियान ‘कैच द रेन’ को बढ़ावा देने में पूरा सहयोग देंगे। पानी को एक अनमोल संपदा मानेंगे और ऐसा मानते हुए ही इसका उपयोग करेंगे। अपने परिवारजनों, मित्रों और पड़ोसियों को भी इसके विवेकपूर्ण उपयोग और उसे व्यर्थ नहीं करने के लिए प्रेरित करेंगे। यह ग्रह हमारा है और हम ही इसे बचा सकते हैं और अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। हम सब मिलकर जल आंदोलन को जन आंदोलन बनायेंगे।




