देवास

वन बल प्रमुख व्ही. एन. अम्बाड़े ने देवास में आयोजित की गई वानिकी, वन संरक्षण एवं संयुक्त वन प्रबन्धन से सम्बन्धित कार्यशाला में ग्रामीणों से चर्चा करने के उपरान्त नगर वन शंकरगढ़ में पौधारोपण किया


देवास मध्य प्रदेश वन विभाग के वन बल प्रमुख व्ही. एन. अम्बाड़े ने देवास वन मण्डल के वन परिक्षेत्र देवास के अन्तर्गत शंकरगढ़ पहाड़ी पर वानिकी कार्य, वन संरक्षण एवं संयुक्त वन प्रबंधन के सम्बन्ध में आयोजित महत्वपूर्ण कार्यशाला में  ग्रामीणों तथा वन विभाग के अधिकारियों को  मार्गदर्शन प्रदान किया है। इस कार्यक्रम के प्रारम्भ में ग्राम दौलतपुर में स्थित नगर वन के प्रांगण में ग्रामीणों से संयुक्त वन प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा गई एवं उसके उपरान्त देवास शहर के समीप शंकरगढ़ पालनगर में नगर वन में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजन किया। जिसमें ग्रीन आर्मी  के सदस्यों के साथ-साथ अन्य पर्यावरण से सम्बन्धित समूहों से वार्ता आयोजित कर चर्चा की। जिसमें वन विभाग के अधिकारियों, स्थानीय वन समितियों और पर्यावरण प्रेमी नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वन बल प्रमुख व्ही. एन. अम्बाड़े की अगवानी में वन संरक्षक एम.आर. बघेल, वन मंडल अधिकारी देवास बीरेन्द्र कुमार पटेल, उप वन मंडल अधिकारी कन्नौद दिनेश वास्केल, उप मंडल अधिकारी विकास माहोरे तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश चौहान देवास एवं वन मंडल देवास के सभी वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं स्टॉफ के द्वारा दौलतपुर स्थित वन विश्राम गृह पर की गई है। इसके उपरांत, व्ही. एन. अम्बाड़े ने दौलतपुर विश्राम गृह पर ही स्थानीय वन समितियों के अध्यक्षों के साथ वन वर्धन विषय पर एक गहन चर्चा सत्र आयोजित किया है। इस दौरान वन संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं और सामुदायिक भागीदारी पर विचार-विमर्श किया गया है। मुख्य कार्यक्रम शंकरगढ़ पहाड़ी पर आयोजित किया गया है, जहाँ व्ही. एन. अम्बाड़े ने एक पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेकर हरित आवरण बढ़ाने के प्रति विभाग के संकल्प को दोहराया। कार्यशाला के दौरान  अंबाडे ने पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए ग्रीन आर्मी संस्था के सदस्यों का विशेष रूप से सम्मान किया है। यह संस्था शंकरगढ़ पहाड़ी को एक प्राकृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।


इस कार्यक्रम में वन मंडल अधिकारी इंदौर प्रदीप मिश्रा, डिप्टी रेंजर सुनील मालवीय, हेमराज गोखले, श्याम शर्मा, शिव प्रताप सिंह, रविंद्र सोनी, सुनील रावत, नरेंद्र गोस्वामी सहित वन मंडल देवास के समस्त रेंज अधिकारियों एवं विभिन्न वन समितियों के सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
वन बल प्रमुख  अम्बाड़े ने अपने सम्बोधन में कहा कि, संयुक्त वन प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ही हम वनों का टिकाऊ सतत संरक्षण सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही शंकरगढ़ पहाड़ी पर किया जा रहा प्रयास एक जीवंत उदाहरण है।
मुख्य वन संरक्षक उज्जैन एम. आर. बघेल ने कहा, स्थानीय समुदायों का सहयोग वन संरक्षण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। आज की यह कार्यशाला हम सभी को एक सूत्र में बांधने का कार्य करेगी।
वन विभाग द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से जहाँ एक ओर वन संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सामुदायिक सहभागिता से टिकाऊ वन प्रबंधन को बल मिल रहा है। शंकरगढ़ पहाड़ी पर आयोजित यह कार्यशाला वनों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाती है और एक हरित भविष्य की ओर मार्ग प्रशस्त करती है।

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