देवास
शिक्षक दिवस पर प्रेस्टिज के मेंटर डॉ. डेविश जैन की मास्टरक्लास
शिक्षक दिवस पर प्रेस्टिज के मेंटर डॉ. डेविश जैन की मास्टरक्लास
देवास। शिक्षक दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रेस्टिज यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं प्रेस्टिज एजुकेशन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. डेविश जैन की विशेष मास्टरक्लास का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे प्रेस्टिज ग्रुप के सभी डायरेक्टर्स, फैकल्टी सदस्य और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। डॉ. डेविश जैन सर ने पूरे प्रेस्टिज ग्रुप को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रत्येक शिक्षक का केवल एक ही लक्ष्य होना चाहिए कि वह अपने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान रूपी प्रकाश से आलोकित करे, ताकि वे आगे चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि एक सच्चा शिक्षक वही है जो अपने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्य विकसित करे। डॉ. डेविश जैन अब तक पाँच पुस्तकों का प्रकाशन कर चुके हैं। इनमें से उनकी विशेष पुस्तक गोल्डन इसाइट इंटरप्राइजिग लाईफ से उन्होंने जीवन की जटिलताओं को सुलझाने और कठिन परिस्थितियों में मार्गदर्शन प्राप्त करने के उपाय बताए। इसी संदर्भ में उन्होंने जीवन के चार मुख्य स्तंभ लव , लर्न , लीड और लेगेसी के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. डेविश जैन के अनुसार लर्न (सीखना) सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। सीखना जीवनभर जारी रहना चाहिए, क्योंकि सीखना ही प्रगति का आधार है। नई परिस्थितियों, अनुभवों और गलतियों से सीखकर ही इंसान आत्मनिर्भर और सफल बनता है। लव (प्रेम) से मन और हृदय पवित्र होते हैं। प्रेम के बिना रिश्तों में सहयोग और विश्वास संभव नहीं है। एक शिक्षक का प्रेम ही विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी बनाता है। लीड (नेतृत्व) आदेश देने का नाम नहीं बल्कि सेवा, सहयोग और विनम्रता के साथ दूसरों को आगे बढ़ाने का तरीका है। एक सच्चा लीडर वही है जो अपनी टीम और विद्यार्थियों को प्रेरित करे। लेगेेसी (विरासत) इमारतें या संस्थान नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थी हैं। उनकी सीख, उनका आत्मविश्वास और उनकी उपलब्धियाँ ही सच्ची लेगेसी हैं। डॉ. डेविश जैन की इस मास्टर क्लास से सभी छात्र-छात्राएँ और फैकल्टी सदस्य अभिभूत हुए। उनके विचारों ने सबके मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डाला और शिक्षा के असली उद्देश्य को एक नई दृष्टि दी। इसी क्रम में सर ने सभी उपस्थितजनों को आशीर्वाद स्वरूप प्रश्न-उत्तर सत्र का भी अवसर दिया। प्रश्नोत्तर सत्र में जब प्रेस्टिज इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, देवास के डायरेक्टर प्रो. डॉ. आर. के. जैन ने उनसे पूछा कि आपके विचार से वास्तविक लेगेसी क्या है? “तो उन्होंने उत्तर दिया कि मेरे लिए सच्ची लेगेसी इमारतों की ऊँचाई नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों की ऊँचाई है। वही मेरी असली पहचान और धरोहर है हर प्रश्न के उत्तर में उनके अनुभव, दूरदृष्टि और जीवन-दर्शन की झलक देखने को मिली। यह सत्र न केवल प्रेरणादायक रहा बल्कि सभी के लिए सीख और मार्गदर्शन का अनमोल अवसर भी सिद्ध हुआ।





