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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर चलाया गया सघन अभियान

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर चलाया गया सघन अभियान देवास महिला एवं बाल विकास अधिकारी देवास ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर जिले में संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर सघन अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत पूरे जिले में पुलिस विभाग और महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त दल गठित कर सम्मेलनों और विवाह स्थलों पर कड़ी निगरानी रखी गई। अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वन स्टॉप सेंटर को जिला स्तरीय मुख्य कंट्रोल रूम बनाया गया। कंट्रोल रूम से भी लगातार मॉनिटरिंग की गई। साथ ही, जिले के प्रत्येक परियोजना कार्यालय में भी पृथक से कंट्रोल रूम स्थापित किए गए, ताकि प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। शहर में विभाग का फ्लाइंग स्क्वायड (उड़नदस्ता दल) निरंतर सक्रिय रहा, जिसने विभिन्न मैरिज गार्डन और विवाह समारोहों का औचक निरीक्षण कर वर-वधू के आयु संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की। उन्होंने बताया कि दल को अमोना क्षेत्र में एक संभावित बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक दल ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बालिका के आयु प्रमाण पत्र की मांग की। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान बालिका की आयु 18 वर्ष से कम पाई गई।दल द्वारा ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम’ के प्रावधानों का हवाला देते हुए परिजनों और उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाइश दी गई। टीम की प्रभावी काउंसलिंग के बाद परिजनों ने अपनी गलती मानी और बालिका के बालिग होने तक विवाह न करने का लिखित संकल्प लिया, जिसके पश्चात विवाह रुकवाया गया। साझा प्रयास और सतर्कताविभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बाल विवाह को रोकने के लिए जिले के सभी क्षेत्रों में टीमें निरंतर सक्रिय हैं। किसी भी संदेहास्पद मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

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