एनाटॉमी दिवस पर अमलतास होम्योपैथिक कॉलेज की सकारात्मक पहल: सीखने की नई दिशा दे रहा है यहाँ का एनाटॉमी विभाग!

देवास। अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी का एनाटॉमी विभाग अपनी अनूठी शिक्षण शैली और छात्रों की सक्रिय सहभागिता से मेडिकल शिक्षा में एक नया मानक स्थापित कर रहा है।, विश्व शरीर रचना दिवस (World Anatomy Day) के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में विभाग की इन उपलब्धियों को विशेष रूप से सराहा गया।
आधुनिक शरीर रचना विज्ञान के जनक एंड्रियास वेसालियस की स्मृति में मनाए गए इस दिवस पर, अमलतास विश्वविद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष सुरेश सिंह भदौरिया ने एनाटॉमी विभाग की प्रगति पर खुशी जताई।
तथा अमलतास विश्वविद्यालय के अध्यक्ष मंयकराज सिंह भदौरिया ने प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह भदौरिया को बधाई देते हुए कहा कि विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मुकेश अग्रवाल ने मात्र एक वर्ष में ही इस विभाग को छात्रों का सबसे पसंदीदा विभाग बना दिया है।
ग्लोबल थीम रही ग्लोबल पर्सपेक्टिव्स ऑफ एनाटॉमी”
इस वर्ष की थीम का भाव है शरीर रचना के वैश्विक परिदृश्य: एकता को साथ लाना, समानताओं का उत्सव मनाना और विविधताओं को सम्मान देना।”
प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा कि “एनाटॉमी चिकित्सा शिक्षा की नींव है और होम्योपैथी के विद्यार्थियों के लिए इसका व्यावहारिक ज्ञान उपचार को अधिक प्रभावी बनाता है।”
उन्होंने विभाग प्रमुख प्रो. (डॉ.) मुकेश अग्रवाल की शिक्षण शैली की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा
“उनकी ‘छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति’ इस सिद्धांत पर आधारित है कि “हर प्रश्न का उत्तर उसी प्रश्न में छिपा होता है”, जिससे छात्र कठिन विषय को सरल, रोचक और प्रायोगिक रूप से बङी सहजता से समझ लेते हैं।
छात्रों को सेमिनार, मॉडल प्रदर्शन और ग्रुप डिस्कशन जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाता है।
छात्रों ने भी कहा, “सर, यहां से बेहतर कहीं नहीं!”
नवीन शिक्षकों की नियुक्ति: डॉ. पलक चौकसे जैसे प्रतिभाशाली शिक्षकों की नियुक्ति से सीखने का वातावरण और भी समृद्ध हुआ है।
समापन में प्रो. (डॉ.) मुकेश अग्रवाल ने इस सफलता का श्रेय कॉलेज प्रशासन और विशेष रूप से प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह भदौरिया को दिया,जिन्होंने महाविद्यालय मे मेडिकल शिक्षको के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार करवाया । जिनके नेतृत्व में विभाग नवाचार, प्रेरणा और उत्कृष्टता का केंद्र बनता जा रहा है।
इस अवसर पर सभी छात्रों ने उत्साहपूर्वक हैप्पी वर्ल्ड एनाटॉमी डे” का संदेश दिया और मानव शरीर की जटिल संरचनाओं को समझने के लिए नई प्रेरणा प्राप्त की। अमलतास होम्योपैथी कॉलेज का एनाटॉमी विभाग अपनी अनूठी शिक्षण पद्धति और छात्रों की सक्रिय सहभागिता के लिए जाना जा रहा है।




