देवास

अमलतास आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में दो महीने का ‘बस्ती उपचार शिविर’ शुरू

वर्षा ऋतु में बढ़ते जोड़ों और कमर के दर्द से मिलेगी मुक्ति: अमलतास आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में दो महीने का ‘बस्ती उपचार शिविर’ शुरू
देवास आयुर्वेद के अनुसार बारीश के मौसम में मानवी शरीर में कुदरती तौर पर वात दोष में बढ़ोतरी हो जाती है | यह बढा हुआ वात दोष शरीर में अनेक तरह की वात की बिमारियाँ उत्पन्न करता है | जैसे की जोडों मे दर्द होना, गठियां की बिमारी, पीठ दर्द, कमर दर्द, बदन दर्द, लकवा, अंगों का सुन होना, बद्धकोष्ठता, जुलाब, डिसेंटरी इत्यादी |


इन सब बिमारीओं से बचने के लिए एक बहुत ही अच्छा चिकित्सा उपचार आयुर्वेद में बताया गया है | उस चिकित्सा उपक्रम को ही बस्ती चिकित्सा कहते है | जिसमे डॉक्टर पेशेंट की गुदा द्वारा औषधी तैल या काढा पेशंट की शरीर के अन्दर छोड़ते है | यह ट्रीटमेंट दिखने में तो एनिमा जैसी है लेकिन बस्ती की उपयोगिता एनिमा से बहुत कुछ ज्यादा है | बस्ती द्वारा शरीर में छोड़े गये औषधीओं की वजह से शरीर में बढे हुए वात दोष से हमें मुक्ती मिलती है और बिमारी ठीक होने में मदद मिलती है | आयुर्वेद यह मानती है की, शरीर में जब दोष बढ़ता है उसी समय अगर उसका निराकरण होता है तो बिमारी जडसे ख़त्म होने में मदद मिलती है |
इसी को चलते, अमलतास आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, बांगर ग्राम, देवास में 10 जुलाई से 10 सितम्बर तक मतलब दो महीने के लिए बस्ती उपचार शिविर का आयोजन किया गया है | जिन जिन मरीज को ऊपर निर्दिष्ट वात की बिमारिओं की समस्या है वे सब मरीज इस शिविर का लाभ उठाये ऐसा आवाहन हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से किया गया है | शिविर में आनेवाले सभी पेशंट्स को थेरपी के चार्जेस पर 20% डिस्काउंट दिया जाएगा |


शिविर के शुभारंभ पर अमलतास ग्रुप के चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया ने अपना संदेश देते हुए कहा हमारा उद्देश्य क्षेत्र के हर नागरिक को आयुर्वेद की प्राचीन और शुद्धतम चिकित्सा पद्धतियों का लाभ बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है। वर्षा ऋतु में होने वाले वात कष्टों से मुक्ति दिलाने में यह बस्ती शिविर अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। जन-कल्याण के इसी संकल्प के साथ हमने थेरपी शुल्कों में विशेष छूट का प्रावधान भी किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button