कड़छा धाम में टेकचंदजी महाराज का 214वां समाधि महोत्सव का आयोजन

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हुए शामिल
देवास। शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंगलवार को कड़छा धाम में टेकचंदजी महाराज का 214वां समाधि महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री एवं धार जिला प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय उपस्थित रहे। उन्होंने इस दौरान कहा कि दामोदरवंशी जूना गुजराती दर्जी समाज ने सुई-धागे से अपना पहला रोजगार शुरू किया था, लेकिन आज वही समाज अनेक लोगों को रोजगार देने वाला बन गया है। समाज के परिश्रम, लगन और एकता ने सामाजिक विकास की एक नई मिसाल कायम की है। आगे कहा कि शरद पूर्णिमा पर चन्द्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होता है। उसी तरह यह समाज भी अपनी पूर्णता व प्रगति की दिशा में अग्रसर है। पहले जब मैं इस धाम पर आता था तो इतनी रौनक नहीं होती थी, लेकिन आज समाज ने मेहनत और समर्पण से न सिर्फ धार्मिक एवं सामाजिक स्थल संवार दिए हैं। बल्कि सामूहिक चेतना को भी प्रभुत्व दिया है। इस दौरान मंच से ये चमक ये दमक सब कुछ गुरुवर तुम्हीं से है। भजन की मधुर प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उल्लेखनीय है कि गुरु टेकचंदजी महाराज ने लगभग 214 वर्ष पूर्व शरद पूर्णिमा के दिन कड़छा धाम में जीवित समाधि ली थी। उनकी शिक्षाएं और आशीर्वाद दशकों से समाज को आत्मनिर्भरता, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर प्रेरित करती आ रही हैं। यही वजह है कि अभा दामोदरवंशी जूना गुजराती दर्जी समाज और टेकचंद महाराज ट्रस्ट हर वर्ष इस महोत्सव को श्रद्धा और भव्यता से मनाते हैं। समारोह के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने गुरुधाम में चल रहे विकास कायों का निरीक्षण किया। संत नामदेव महाराज राष्ट्रीय एकात्मकता विश्व महासम्मेलन के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की। ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहनलाल चौहान, सचिव नरेंद्र परिहार, संरक्षक दिलीप परमार, गुरु सेवक संघ से अमित चौहान, राजेश चौहान ने उन्हें धाम के विकास व कार्यक्रमों की जानकारी दी।
वरिष्ठ समाजसेवियों व युवाओं का सम्मान किया
महोत्सव में समाज के उच्च अंक प्राप्त विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षा में सफल युवाओं और वरिष्ठ समाजसेवियों का सम्मान किया। 10वीं-12वीं के 78 विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए। रात 12 बजे गुरुदेव की महाआरती के बाद संरक्षक दिलीप परमार ने 51 हजार लडुओं का भोग लगाया। साथ ही प्रसादी वितरण किया। समाधि स्थल को फूलों से सुशोभित किया गया और छप्पन भोग अर्पित किया। गुरु सेवक संघ तथा गुरु धाम कड़छा सेवा समिति की ओर से 12 घंटे का भंडारा आयोजित किया। देर रात तक भजन संध्या चली। आयोजन में शांतिलाल गोयल, अशोक सोलंकी, मनीष सोलंकी, रूपकिशोर सोलंकी, धनराज महेश्वरी, हेमराज सोलंकी, गोपाल परमार, शांतिलाल पंवार, महेश चौहान, हीरालाल परमार, दिनेश परमार व समाजजन उपस्थित थे। संचालन राजेश जाधव ने किया। आभार अमित चौहान ने माना।




