देवास

देश हित में है वन नेशन, वन इलेक्शन-पुष्यमित्र भार्गव

देश हित में है वन नेशन, वन इलेक्शन-पुष्यमित्र भार्गव

खचाखच भरे रामाश्रय पैराडाइज में आयोजित संगोष्ठी में दिया प्रभावी उद्बोधन

देवास । वन नेशन, वन इलेक्शन अर्थात एक राष्ट्र, एक चुनाव की अवधारणा सन 1980 से ही चर्चाओं में आ गई थी। अंग्रेजों की सत्ता से मुक्ति के पश्चात जब हमारा संविधान, लोकतांत्रिक प्रक्रिया लागू हुई। उसके बाद 1967 तक देश में लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ ही होते रहे, लेकिन बाद में राज्यों में किन्हीं कारणों से चुनी हुई सरकारों के समय से पूर्व पतन के कारण धीरे धीरे केंद्र ओर राज्यों के चुनाव अलग अलग होने की परम्परा चल पड़ी। जबकि वन नेशन, वन इलेक्शन कई मायनों में देशहित में है। विकासनगर स्थित रामाश्रय पैराडाइज के खचाखच भरे सभागृह में एक राष्ट्र, एक चुनाव को लेकर आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी में उपरोक्त विचार मुख्य वक्ता इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने व्यक्त किए। भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ववलन से प्रारंभ हुई संगोष्ठी में सर्वप्रथम देवास शाजापुर संसदीय क्षेत्र के सांसद  महेंद्र सिंह सोलंकी ने अपने उद्बोधन में एक राष्ट्र, एक चुनाव को विकसित भारत की संकल्प सिद्धि के लिए आवश्यक बताया।

सांसद सोलंकी द्वारा मंचस्थ अतिथि मुख्य वक्ता  भार्गव एवं नगर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एम कुमार के पुष्प गुच्छ से स्वागत एवं उद्बोधन के पश्चात इंदौर महापौर एवं वन नेशन, वन इलेक्शन के प्रदेश सह संयोजक  भार्गव ने अलग अलग चुनावों पर होने वाले जनता के धन की बर्बादी, प्रशासनिक एवं सुरक्षा तंत्र के कार्यभार की बढ़ोतरी, विकास के कार्यों में बाधा इत्यादि बातों को प्रभावी एवं सारगर्भित तरीके से प्रबुद्धजनों के बीच विस्तार से व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी द्वारा सन 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया गया है। उस दिशा में वन नेशन, वन इलेक्शन बेहद कारगर साबित होगा।  भार्गव ने अपने उद्बोधन के पश्चात प्रबुद्धजनों के प्रश्नों के भी सटीक एवं समाधानकारी उत्तर दिए। संगोष्ठी का संचालन भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री पंकज वर्मा द्वारा किया गया। अंत में भाजपा जिला उपाध्यक्ष महेश चौहान द्वारा आभार प्रकट कर वन्देमातरम गीत से संगोष्ठी का समापन हुआ। संगोष्ठी में नगर के विविध क्षेत्रों अधिवक्ता, वरिष्ठ नागरिक, डॉक्टर्स, स्टूडेंट, खिलाड़ी, कृषक, व्यापारी, शिक्षक, श्रमिक, साहित्यकार, महिलाएं, आम नागरिक सहित सैकड़ों की संख्या में प्रबुद्ध जन संगोष्ठी में उपस्थित रहे। यह जानकारी लोकसभा मीडिया प्रभारी शेखर कौशल द्वारा दी गई।

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