
कलेक्टर ऋतु राज सिंह ने नागदमन नाले में प्रदूषण को लेकर की उद्योगों की समीक्षा, 1 सप्ताह में ईटीपी पर स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश
प्रदूषण मानकों के अनुरूप OCEMS प्रणाली और रियल-टाइम डेटा शेयरिंग अनिवार्य, कलेक्टर ने दी एक माह की समय-सीमा
कलेक्टर ऋतु राज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नागदमन नाले में प्रदूषण को लेकर औद्योगिक प्रतिनिधियों एवं उद्योग संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक इकाइयों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर सिंह ने उद्योग संचालकों को अनुपालन के विस्तृत निर्देश जारी किए। कलेक्टर सिंह ने कहा कि औद्योगिक परिसरों में स्थापित एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) का शत-प्रतिशत और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना सीधे तौर पर उद्योग संचालकों का नैतिक व विधिक दायित्व है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
औद्योगिक अपशिष्ट और उत्सर्जन पर पारदर्शी व सतत निगरानी रखने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी संबंधित उद्योगों को 1 सप्ताह के भीतर अपनी ETP इकाइयों में उपयोग होने वाली विद्युत खपत की सटीक निगरानी के लिए स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य होगा। ईटीपी संचालन और विद्युत खपत का रियल-टाइम डेटा प्रशासन तथा संबंधित नियामक विभागों के साथ अनिवार्य रूप से साझा करना होगा।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि सभी उद्योगों में ऑनलाइन सतत अपशिष्ट और उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए, जिससे प्रदूषण नियंत्रण की वास्तविक स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा सके। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने औद्योगिक इकाइयों को सभी निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक माह की समय-सीमा दी है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में औद्योगिक विकास महत्वपूर्ण है, किंतु पर्यावरण संरक्षण और आमजन के स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में निगमायुक्त दलीप कुमार और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन के कार्यकारी राजेश राठौड़ समेत विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




