अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद में आज ‘चरक जयंती महोत्सव’ के पावन उपलक्ष्य में एक अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक विशेष व्याख्यान (Guest Lecture) का आयोजन किया गया।


अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद में आज ‘चरक जयंती महोत्सव’ के पावन उपलक्ष्य में एक अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक विशेष व्याख्यान (Guest Lecture) का आयोजन किया गया। यह गरिमामय कार्यक्रम माननीय फाउंडर चेयरमैन (अमलतास ग्रुप) सुरेश सिंह भदौरिया एवं माननीय चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया के शुभाशीष और कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ (Art of Living) संस्था के सहयोग से भावी चिकित्सकों और युवाओं में कौशल विकास (Skill Development), मानसिक दृढ़ता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना था।

🧘♂️ वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति एवं स्वागत
कार्यक्रम में संस्थान के डायरेक्टर डॉ. अभिजीत तायडे, जनरल मैनेजर मनीष शर्मा एवं प्राचार्या डॉ. अनीता घोडके विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी गरिमामय उपस्थिति में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ की ओर से आए मुख्य वक्ताओं डॉ. राशि भालसे, अभय शर्मा और नितिन जैन का संस्थान की परंपरा के अनुसार आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर संस्थान के सभी शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
💡 कौशल विकास और सकारात्मक जीवनशैली पर मार्गदर्शन
व्याख्यान के दौरान ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में कौशल विकास (Skill Development) के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि एक सफल आयुर्वेद चिकित्सक बनने के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रभावी संवाद शैली, तनाव प्रबंधन (Stress Management) और धैर्य जैसे कौशल भी अत्यंत आवश्यक हैं।




